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ऋषिगंगा नदी में क्षतिग्रस्त पुल BRO ने किया तैयार, फिर जुड़ पाएंगे 13 गांव

चमोली : 7 फरवरी को चमोली में आई प्राकृतिक आपदा में बह गए ऋषिगंगा नदी के पुल को सीमा सड़क संगठन (BRO) ने फिर से बना दिया है। बीआरओ ने यहां रहने वालों की जिंदगी आसान बनाने के लिए एक शानदार काम जरूर किया है। आपदा के दौरान बहे पुल को दस दिन के भीतर फिर से तैयार कर दिया गया है।
ऋषिगंगा नदी के ऊपर बना पुल पिछले महीने आई आपदा में बह गया था। इस पुल के बहने से घाटी के कई गांव अलग-अलग हो गए थे। जो लोग रोजी-रोटी के लिए जोशीमठ जैसे क्षेत्रों पर निर्भर थे, वो भी गांव से बाहर नहीं जा पा रहे थे। लोगों की परेशानी को समझते हुए बीआरओ के जवान दिन-रात पुल निर्माण के काम में जुटे रहे और दस दिन के भीतर नया पुल बनाकर तैयार कर दिया। इस पुल के बनने से आपदा के बाद मुख्यधारा से कट गए चमोली जिले के 13 गांव एक बार फिर आपस में जुड़ जाएंगे। सीमा सड़क संगठन ने इस पुल को ऋषिगंगा नदी के ऊपर बनाया है। पांच मार्च यानी आज से पुल को लोगों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।
बीआरओ की शिवालिक परियोजना के चीफ इंजीनियर ए.एस राठौड़ ने बताया कि इस पुल के बनने से आपदा के बाद मुख्यधारा से कट गए चमोली जिले के 13 गांव एक बार फिर से जुड़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि 40 टन वहन क्षमता वाले और 190 मीटर लंबे इस नए बेली ब्रिज को बनाने की समय सीमा 20 मार्च थी लेकिन बीआरओ ने इस पुल को दिन-रात एक कर तय समय से 15 दिन पहले ही बना दिया। उन्होंने बताया कि बेली ब्रिज का काम 25 फरवरी को शुरू किया गया था जिसे पूरा करने में 250 मजदूर और बीआरओ के 25 इंजीनियर दिन-रात जुटे रहे। परीक्षण के बाद इस पुल को जनता के लिए खोल दिया जाएगा। 

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