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उत्तराखंड में युवाओं को ज्यादा शिकार बना रही कोरोना की दूसरी लहर, रिपोर्ट में सामने आई ये बात

देहरादून : कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में केवल बुजुर्गों को ही नहीं, बल्कि युवाओं को भी अपना शिकार बना रही है। दूसरी लहर में युवाओं के लिए नया स्ट्रेन घातक साबित हो रहा है। इसका एक कारण युवाओं की तरफ से बरती जाने वाली लापरवाही भी है। ऐसे में वायरस का नया स्ट्रेन तेजी से फैल रहा है। अप्रैल महीने में संक्रमण से हुई मौतों में से 190 के करीब मृतक 50 साल से कम उम्र के हैं। 
इस ओर गंभीरता से सोचते हुए छोटे से छोटे अस्पतालों में भी टेस्ट और इलाज शुरू करने पर जोर देने की जरूरत है। लोगों को हल्की खांसी, बुखार आदि होने पर तुरंत जांच करानी होगी और दवाई लेनी होगी। कोविड-19 से जुड़ी सलाहकार समिति ने सरकार को अपनी यह रिपोर्ट सौंपी है। 
समिति के अध्यक्ष एवं एचएनबी मेडिकल विवि के कुलपति प्रो.हेमचंद्र और दून मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ.आशुतोष सयाना ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि तीन दिन के भीतर दून अस्पताल में 37 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई। इनमें 50 वर्ष से कम आयु के 10, 51 से 60 वर्ष आयु के 12 और 60 वर्ष से अधिक आयु के 15 मरीज थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, मरने वालों में 43 प्रतिशत महिलाएं और 57 प्रतिशत पुरुष शामिल थे। 70 प्रतिशत मामले ऐसे थे, जिनमें मरीज में पांच दिन के भीतर जानलेवा लक्षण आए। 50 प्रतिशत मामले सीधे दून अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के थे, जबकि 50 प्रतिशत मामलों में मरीज अन्य अस्पतालों से यहां रेफर होकर आए थे।
कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन और मुख्यमंत्री के डॉक्टर एनएस बिष्ट का कहना है कि इस बार युवाओं में बड़ी तेजी से संक्रमण फैला है। इसका मुख्य कारण युवाओं की तरफ से बरती गयी घोर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के लिए माइग्रेशन भी करना पड़ता है। ऐसे में युवा बड़ी तेजी से संक्रमण की दूसरी लहर की चपेट में आ रहे हैं। अधिकतर युवा 25 से 35 आयु वर्ग के हैं। इस आयु वर्ग के युवाओं में कोरोना बड़ी तेजी से फैल रहा है। 

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