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देहरादून के कालसी में बादल फटने की सूचना, मौके पर किया गया मॉक ड्रिल, बचाई कई लोगों की जान

देहरादून : दोपहर को देहरादून के कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर बादल फटने से आए भूस्खलन की सूचना पर तुरंत प्रशासनिक विभाग सक्रिय हो गया और प्रशासन द्वारा मौके पर यहां पहुंच कर राहत एवं बचाव कार्य शुरु किया गया। मौके पर पहुंची एसडीआरफ, कालसी थाना पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम की प्राथमिकता भूस्खलन से आए मलबे की चपेट में आए लोगों को बचाना था, जिसके लिए आप्रेशन शुरु किया गया। 


जनपद आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम को सूचना प्राप्त हुई है कि रिस्पना पुल से सटे इलाकों में बाढ़ आने के चलते लगभग 150 से 200 के बीच व्यक्तियों के फंसे होने की सूचना है। इसी तरह से कालसी में बादल फटने की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों की भीड़ भी मौके की ओर उमड़ पड़ी। मौके पर पहुंच कर पता चला यह सारी कवायद मॉक ड्रिल के तहत की जा रही है। शनिवार को प्रशासन ने बरसात में आने वाली प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया। भारी वर्षा के कारण कालसी चकराता मोटर मार्ग में झझरेड के पास मार्ग अवरुद्ध हो गया है। 
जनपद आपदा कंट्रोल रूम को जनपद के रिस्पाना नदी में बाढ़ और कालसी के जजरेड क्षेत्र में बादल फटने से आए भूस्खलन की सूचना प्राप्त होने के उपरांत जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव जनपद कंट्रोल रूम में पहुंच चुके हैं और उनके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी नितिका खंडेलवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन वीर सिंह बुदियाल तथा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गिरीश गुणवंत, आर्मी के कर्नल एस के शंकर के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी जनपद आपदा कंट्रोल रूप में मौके पर तैनात हो चुके। 


जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम की कमान संभालते हुए विभिन्न विभागों को संबंधित क्षेत्रों में तत्काल रेस्क्यू करने के लिए अपने संपूर्ण संसाधनों के साथ पहुंचने के निर्देश दिए हैं। करीब 11 बजे जजरेड पहुंची एसडीएम संगीता कनोजिया कालसी, थानाध्यक्ष ऋतुराज सिंह एसडीआरएफ की टीम ने कालसी भूस्खलन में फंसे सभी 82 लोग को सकुशल निकाल दिया गया, जिसमें 14 बच्चे भी शामिल थे। दो व्यक्तियों को गंभीर चोट आई और चार को हल्‍की चोट आई, जिन्हें इलाज के लिए कालसी अस्पताल ले जाया गया।

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