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कांवड़ यात्रा पर रोक के चलते कांवड़ियों के आने पर दर्ज होगा मुकदमा, बैठक में लिए ये फैसले

हरिद्वार : उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए दूसरे साल भी कांवड़ यात्रा मेला स्थगित है। वहीं कांवड़ियों को रोकने के लिए हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने कड़े इंतजाम करते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं। 22 जुलाई से हरिद्वार जिले की सीमा में कांवड़ियों पर पूरी तरीके से रोक रहेगी।
हरिद्वार जिला प्रशासन ने बैठक करते हुए सभी प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के जिन जिलों कि सीमा से कांवड़िए हरिद्वार में प्रवेश करते हैं। वहां बॉर्डर पर भारी संख्या में हरिद्वार पुलिस, अर्द्ध सैनिक बलों की ड्यूटी रहेगी। हरिद्वार आने पर आपदा अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के साथ 14 दिन के लिए क्वारंटीन भी किया जाएगा।
इसमें यूपी व हरिद्वार पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यूूपी के अधिकारियों को बताया गया कि उत्तराखंड में कांवड़ मेला पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके लिए यूूपी पुलिस अपने थाना क्षेत्रों व बॉर्डर पर आने वाले लोगों को बताएं। यदि वह गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार आते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

22 जुलाई से सीमा सील
कोरोना संक्रमण के चलते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 13 जुलाई की देर शाम आदेश जारी कर कावड़ यात्रा पर पूरी तरीके से रोक लगा दी थी। कांविड़यों को हरिद्वार आने से रोकने के लिए रणनीति तैयार की गई। 22 जुलाई से हरिद्वार जिले के बॉर्डर सील कर दिए जाएंगे। जिला प्रशासन से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिससे कांविड़यों को हरिद्वार आने से रोका जा सके। इसके लिए बॉर्डर पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा।

14 दिन रहना पड़ेगा क्वारंटाइन
हरिद्वार की सीमा में यदि 22 जुलाई कि सुबह से कांवड़ियों ने प्रवेश की कोशिश की तो सख्त हिदायत दी है। कि एफआईआर दर्ज कर उन्हें 14 दिन तक क्वारन्टीन सेंटर में भेजा जाएगा। अलग-अलग स्थानों पर क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। वहीं यदि कांवड़ियों ने वाहनों से प्रवेश किया तो ऐसे वाहनों को सीज कर प्रशासन द्वारा बनाई गई पार्किंग में भेजा जाएगा। सख्त हिदायत है कि किसी भी कीमत पर यूपी की सीमा से कांवड़ियों को हरिद्वार की सीमा में घुसने नहीं दिया जाएगा।

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