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कॉलेजों में तय सीटों से ज्यादा छात्रों को दिया दाखिला और कराई परीक्षा, अब होगी जांच, जानें पूरा मामला

देहरादून। उत्तराखंड के श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय से संबद्ध हरिद्वार और देहरादून जिले के 14 निजी कॉलेजों ने निर्धारित से ज्यादा छात्रों-छात्राओं को दाखिला दिया। साथ ही अवैध तरीके से छात्र-छात्राओं की परीक्षा करा दी। मामला सामने आने पर विश्वविद्यालय की ओर से इन छात्रों का रिजल्ट रोक दिया गया है। परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र भी विवि से नहीं आए तो संस्थानों ने प्रश्नपत्रों की फोटोकाफी करवा कर अगस्त 2020 में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दिलवा दी। यह खेल करने वाले 12 कालेज रुड़की, हरिद्वार के और दो कालेज देहरादून के हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि यह मामला गंभीर है। मामले की जांच कराई जाएगी। प्रकरण में जो कोई भी दोषी पाया जाएगा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। छात्रों का अहित न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।
श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. पीपी ध्यानी ने बताया कि प्राइवेट काॅलेज स्वीकृत सीटों से अधिक पर बच्चों के एडमिशन नहीं दे सकते। कालेजों की ओर से किए गए इस खेल की रिपोर्ट उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत को भेजी जा रही है। 14 दिसंबर 2016 के शासनादेश में भी स्पष्ट किया गया है कि तय से अधिक सीटों पर एडमिशन नहीं दिया जाएगा। इसके बावजूद कुछ कॉलेज विश्वविद्यालय की छवि खराब कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द विवि की कार्यपरिषद बुलाई जाएगी, जिसमें अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कॉलेजों के खिलाफ संबद्धता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

ये है मामला :
श्रीदेव सुमन विवि से 54 राजकीय महाविद्यालय व 112 निजी संस्थान संबद्ध हैं। कोरोना की पहली लहर के कारण पिछले वर्ष सभी परीक्षाएं देरी से हुईं। इसी बीच मई 2020 से आनलाइन दाखिले शुरू हो गए। स्थिति का फायदा उठाते हुए कुछ कालेजों ने निर्धारित सीटों से अधिक छात्रों का अपने यहां गुपचुप ढंग से दाखिला करवा दिया। इसके बाद जैसे ही अनलाक की प्रक्रिया शुरू हुई तो श्रीदेव सुमन विवि ने 18 अगस्त से 15 सितंबर 2020 तक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया।
इस दौरान हरिद्वार और रुड़की के 12 व देहरादून के दो संस्थानों ने निर्धारित सीटों से अधिक छात्रों वाले पाठ्यक्रमों के प्रश्नपत्रों की फोटोकापी करवाई और उसे बांटवाकर परीक्षा करवा दी। इन संस्थानों ने चालाकी से विवि को अपनी निर्धारित सीटों का विवरण तो सही भेजा, लेकिन उत्तर पुस्तिका अधिक छात्रों की भेज दीं। विवि प्रशासन की ओर से गठित केंद्रीय मूल्यांकन कमेटी ने सभी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर परीक्षा परिणाम व जांच की गई उत्तर पुस्तिकाओं की रिपोर्ट कुलपति व परीक्षा नियंत्रक को भेज दी।
विवि प्रशासन से जब संस्थानों को आवंटित की गई सीटों व उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान किया तो 14 संस्थान ऐसे पाए गए, जिनके यहां से छात्रों की संख्या से अधिक उत्तर पुस्तिकाएं मिली। इसके बाद विवि प्रशासन ने इन संस्थानों के परीक्षा परिणाम रोक दिए और संस्थान प्रबंधन से जवाब तलब किया। जांच में करीब सात सौ उत्तर पुस्तिकाएं अधिक पाई गई हैं।

रिजल्ट जारी करने के लिए विवि पर दबाव 
हरिद्वार और देहरादून जिले के प्राइवेट कॉलेजों में तय से अधिक सीटों पर परीक्षा कराए जाने के बाद अब विश्वविद्यालय पर उच्च स्तर से इन छात्रों का रिजल्ट घोषित करने का दबाव बनाया जा रहा है।

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