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उत्तरकाशी की सरतमा देवी ने जल संरक्षण को लेकर किया ये काम, बनी महिला जल चैंपियन

उत्तरकाशी : पटारा गांव निवासी व हिम पटारा ग्राम संगठन की अध्यक्ष सरतमा देवी को जल संरक्षण को लेकर बेहतर कार्य करने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के तहत महिला जल चैंपियन का पुरस्कार दिया है। वह वूमेन वाटर चैंपियन में देश की 41 महिलाओं में शामिल हुईं हैं। यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम की ओर से सरतमा को प्रशस्ति पत्र और दीवार घड़ी भेजी गई है। 
सरतमा देवी हिम पटारा गांव संगठन की अध्यक्ष हैं। इन्होंने अपने क्षेत्र में जल संरक्षण के कार्यों में अहम भूमिका निभाई है। फाउंडेशन के परियोजना निदेशक कमलेश गुरुरानी ने बताया कि पिछले साल यूएनडीपी की ओर से जल संरक्षण अभियान के तहत पूरे देश में प्रतियोगिता आयोजित कराई गई थी। इसमें हिम पटारा ग्राम संगठन की ओर से फाउंडेशन ने आवेदन किया था। इसके तहत पूरे देश में 41 वाटर वुमन चैंपियन का चयन किया गया था। 
पुरस्कार का प्रशस्ति पत्र जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कलक्ट्रेट स्थित कार्यालय में सरतमा देवी को दिया। साथ ही बेहतरीन कार्य के लिए बधाई दी। हिम पटारा संगठन की सरतमा देवी ने कहा कि, यह सम्मान पूरे हिम पटारा ग्राम संगठन की महिलाओं का है। उनके प्रयासों को इतने बड़े स्तर पर सराहा गया है, यह उनके लिए बहुत बड़ी बात है।
बता दें संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से कार्यक्रसंयुक्त राष्ट्र विकास म (यूएनडीपी) के तहत विश्वभर में विकास कार्यक्रम चलाए जाते हैं। साथ ही समाज के विकास को लेकर कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सराहा भी जाता है। हिम पटारा ग्राम संगठन की अध्यक्ष सरतमा देवी ने पारंपरिक जल संरक्षण चाल-खाल की मुहिम को आगे बढ़ाया, जिससे गांव में पारंपरिक जल स्रोत रिचार्ज हो सकें और जंगली जानवरों व पालतू मवेशियों को पानी मिल सके। प्रतिष्ठित पर्यावरणीय संस्था 'अर्थ डे नेटवर्क' ने संगठन को स्टार वूमेन आर्गेनाइजेशन का दर्जा दिया है।
हिम पटारा ग्राम संगठन पिछले तीन वर्षों से रिलायंस फाउंडेशन से प्रेरित होकर जल संरक्षण का कार्य कर रहा है। इस क्रम में पिछले तीन वर्षों से संगठन की अध्यक्ष सरतमा देवी के नेतृत्व में पुराने चाल-खालों की सफाई और नए चालों का निर्माण किया जा रहा है। बीते वर्ष अक्टूबर माह में हिम पटारा ग्राम संगठन को जल संरक्षण को लेकर किए गए प्रयासों को सराहना मिली है।

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