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हरिद्वार कुंभ: बैरागी अखाड़ों ने किया ऐलान, कुंभ समाप्ति की घोषणा करने वाले अखाड़ों को नहीं होने देंगे स्नान में शामिल

हरिद्वार : हरिद्वार में आयोजित हो रहे कुंभ में बैरागी अखाड़ों ने कहा कि कुंभ समाप्ति की घोषणा करने वाले, कुंभ का विसर्जन करने वाले अखाड़ों को वह 27 अप्रैल को होने वाले चैत्र पूर्णिमा के स्नान में अपने साथ शामिल नहीं होने देंगे। यह स्नान केवल सात अखाड़े ही करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कुंभ समाप्ति की घोषणा करने वाले अखाड़ों ने चैत्र पूर्णिमा स्नान की कोशिश की तो आंदोलन किया जाएगा।बुधवार को बैरागी कैम्प में बैरागी अखाड़ों के संतों की बैठक हुई। उन्होंने कुंभ मेला आइजी संजय गुंज्याल को इसकी जानकारी भी दी है। साथ ही उनसे इसके मुताबिक ही चैत्र पूर्णिमा स्नान की व्यवस्था बनाने की मांग की गई है।
बता दें कि जूना, अग्नि, आह्वान, किन्नर, श्री निरंजनी और आंनद आखड़ा 17 अप्रैल को कुंभ विसर्जन कर चुके हैं। वहीं, तीन बैरागी अखाड़े और उदासीन अखाड़ा 27 अप्रैल को होने वाले स्नान की तैयारियों में जुटे हैं।

देव डोलियों की शोभायात्रा में एसओपी का पालन
कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच 24 अप्रैल की शाम महाकुंभ स्नान के लिए देव डोलियां शोभायात्रा के साथ हरिद्वार पहुंचेंगी। 25 अप्रैल को हरकी पैड़ी पर स्नान होगा। देव डोलियों की शोभायात्रा और कुंभ स्नान का दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण होगा।
शासन ने शोभायात्रा की अनुमति जारी कर दी है, लेकिन शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को महाकुंभ में कोरोना की एसओपी का पालन जरुरी करना होगा। श्रद्धालु कोविड की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट लाएंगे और वापस जाने के बाद एक हफ्ते होम आइसोलेट रहेंगे।
बता दें कि 24 अप्रैल को पहाड़ से देव डोलियां स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचेंगी। करीब 200 देव डोलियां ऋषिकेश से शोभायात्रा के रूप में आएंगी। पहले शोभायात्रा में पांच हजार श्रद्धालुओं को आना था। कोविड संक्रमण के बढ़ते प्रसार के कारण कई श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। लेकिन इसके बाद संस्कृति महानिदेशक डॉ. चौहान ने 19 अप्रैल को शोभायात्रा में तीन हजार लोगों के शामिल होने का जिक्र करते हुए आदेश जारी किया है।

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