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उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय से सुप्रसिद्व फ़िल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने की मुलाक़ात

देहरादून। आज सूचना निदेशालय में उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय से सुप्रसिद्व फ़िल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और उनके सह निर्माता आशीन शाह ने अपनी आगामी फ़िल्म को लेकर मुलाक़ात की।

इस दौरान डॉ. नितिन उपाध्याय द्वारा नई फिल्म नीति 2024 से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि इस फ़िल्म नीति से देश दुनिया के लोग उत्तराखण्ड की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार फ़िल्म निर्माताओं के लिए उत्तराखण्ड को एक शूटिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। जनवरी, 2024 से अभी तक उत्तराखण्ड फ़िल्म विकास परिषद के ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम से मात्र 4 महीनों में 100 से भी अधिक शूटिंग अनुमतियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने बताया कि संरक्षित वन क्षेत्र को छोड़कर उत्तराखण्ड सरकार के अधीन आने वाले विभाग फ़िल्म शूटिंग के लिए कोई शुल्क नहीं लेंगे ऐसा फ़िल्म पॉलिसी में प्रावधान है। फ़िल्म पॉलिसी में उत्तराखण्ड के अनछुए शूटिंग डेस्टिनेशन को बढ़ावा देने का भी प्रावधान किया गया है। इस दौरान डॉ. उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखण्ड फ़िल्म नीति 2024 में प्रादेशिक भाषा की फ़िल्मों के लिए फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में हुए व्यय का 50% तक सब्सिडी या अधिकतम 2 करोड़ तक के अनुदान की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि ऐसे ही हिन्दी और भारतीय संविधान की 8वीं अनुसूची में आने वाली भाषाओं के लिए फ़िल्म प्रोडक्शन पर प्रदेश में हुए व्यय का 30% या अधिकतम 3 करोड़ रूपए तक के अनुदान की व्यवस्था की गई है।

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