Kainchi dham: कैंची धाम में बनेगा ‘ओम’ ब्रिज, कांच के पुल से होंगे बाबा के दर्शन
11-Feb-2026 | जीवनशैली, उत्तराखंड, Tourism, Dehradun, Rishikesh, Haridwar, Roorkee, Almora, Nanital, Tehri Garhwal, Pauri Gharwal, Kumaon, Uttarkashi, Chamoli | By SristiKainchi dham: नीब करौली बाबा की तपोस्थली कैंची धाम, जहाँ की शांति ने स्टीव जॉब्स से लेकर विराट कोहली तक को अपना मुरीद बना लिया। लेकिन अब इस पावन धाम की यात्रा और भी रोमांचक और आधुनिक होने वाली है। क्या आपने कभी सोचा है कि बाबा के दर्शनों के लिए जाते हुए आप शिप्रा नदी के ऊपर हवा में तैरते हुए महसूस करेंगे? जी हां, कैंची धाम में बनने जा रहा है देश का अनूठा ‘ओम’ आकार का कांच का पुल।नैनीताल की शांत वादियों में बसे कैंची धाम में अब आस्था के साथ-साथ रोमांच का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग यहाँ ‘ओम’ आकार का एक भव्य ग्लास ब्रिज तैयार कर रहा है। मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के तहत बन रहा यह पुल 36 मीटर लंबा और 2 मीटर चौड़ा होगा। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका ‘ओम’ आकार है, जो इसे आध्यात्मिक रूप से खास बनाता है। ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ थीम पर बन रहा यह पुल आधुनिक इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना होगा।
जरा कल्पना कीजिए, आपके पैरों के नीचे पारदर्शी कांच होगा और नीचे कल-कल बहती शिप्रा नदी और उसकी खूबसूरत वादियां। इस ब्रिज में हाई-स्ट्रेंथ सेफ्टी ग्लास का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो भारी वजन और झटकों को सहने में सक्षम होगा। सुरक्षा के लिए इसमें एंटी-स्लिप सतह और मजबूत रेलिंग लगाई जाएगी। यहाँ विशेष ‘फोटो व्यू-पॉइंट्स’ भी बनाए जा रहे हैं, जहाँ से श्रद्धालु हिमालयी दृश्यों को अपने कैमरों में कैद कर सकेंगे।कैंची धाम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन यहाँ बुनियादी ढाँचे को पूरी तरह बदल रहा है। लगभग 40 करोड़ की लागत से यहाँ (G+3) मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग का काम युद्धस्तर पर जारी है। 340 पाइलों और 89 कॉलमों वाली इस पार्किंग में ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन अतिरिक्त मंजिले होंगी, जिससे सड़क पर लगने वाले भीषण जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। नैनीताल के डीएम ललित मोहन रयाल के मुताबिक, जून 2026 तक इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।1960 के दशक में बाबा नीब करौली महाराज ने इस धाम की नींव रखी थी। बाबा, जिनका असली नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा था, उन्होंने अपने जीवनकाल में 108 हनुमान मंदिरों का निर्माण कराया। आज यह धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि विश्वव्यापी शांति का केंद्र है। फेसबुक के मार्क जुकरबर्ग हों या एप्पल के स्टीव जॉब्स, हर किसी को बाबा की कृपा ने रास्ता दिखाया है। अब ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना के तहत यहाँ 17 करोड़ से अधिक की लागत से ध्यान केंद्र और जन-सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।आस्था, आधुनिकता और रोमांच का यह मेल कैंची धाम को आने वाले समय में एक ‘मॉडल धार्मिक पर्यटन स्थल’ के रूप में स्थापित करेगा। जब जून 2026 में यह ग्लास ब्रिज बनकर तैयार होगा, तो श्रद्धालुओं के लिए यह अनुभव केवल एक दर्शन नहीं, बल्कि जीवन भर की एक अनमोल याद बन जाएगा।

